ऋषभ पंत को मिला पूर्व क्रिकेटर का सपोर्ट, न्यूजीलैंड ODI सीरीज में बाहर नहीं करने की बताई ठोस वजह
IND vs NZ: टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलेगा या नहीं ये एक बड़ा सवाल है. विजय हजारे में उनका हालिया फॉर्म भी कुछ खास नजर नहीं आ रहा है. हालांकि एक पूर्व क्रिकेटर उनको स्क्वाड में शामिल करने की वकालत कर रहा है. इसके पीछे क्या तर्क है आइए आपको भी बताते हैं.
IND vs NZ: टीम इंडिया ने साल 2026 में अपनी पहली सीरीज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है, जिसकी शुरुआत 11 जनवरी से होने वाली है. इस सीरीज में टीम इंडिया के नए नवेले वनडे कप्तान शुभमन गिल भी वापसी करते हुए दिखेंगे. सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार आगामी महीने में टी20 विश्व कप के आयोजन को देखते हुए हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को मैनेजमेंट आराम देने का मन बना रहा है. दोनों सिर्फ टी20 सीरीज में ही खेलते हुए दिखेंगे. इस बार टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की जगह सवालों के घेरे में नजर आ रही है. ऐसे में भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने उनका समर्थन करते हुए टीम में रखने की बात कही है. ऐसा उन्होंने किस तर्क के साथ कहा आइए आपको भी बताते हैं.
पंत को मिलेगा न्यूजीलैंड सीरीज में मौका?
आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड चुना है. इस टीम में उन्होंने एक मजबूत तर्क के साथ ऋषभ पंत को भी शामिल किया है. उन्होंने पंत को स्क्वाड में शामिल करते हुए कहा, “मैं पंत को अपनी 15 खिलाड़ियों की टीम में शामिल करूंगा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए. चैंपियंस ट्रॉफी से वो टीम का हिस्सा हैं और आप उनको बिना कोई मैच खिलाए टीम से बाहर नहीं कर सकते हो.”
साल 2024 में खेला था आखिरी वनडे मैच
ऋषभ पंत ने टीम इंडिया के लिए आखिरी बार साल 2024 में वनडे मैच खेला था. इसके बाद से ही उनको प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिल पाया है. चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी वो टीम इंडिया का हिस्सा थे लेकिन एक भी मैच नहीं खेल पाए. ऐसे में उनको बिना कोई मैच खिलाए ही टीम से बाहर कर देना सवालों के घेरे में रहेगा. हालांकि, वो फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेल रहे हैं लेकिन उनका बल्ला खामोश ही नजर आ रहा है. 4 मैच खेल चुके पंत अब तक केवल एक अर्धशतकीय पारी ही खेल पाए हैं. वनडे में उन्होंने टीम इंडिया के लिए खेले 31 मैचों की 27 पारियों में 33 की औसत से ही रन बनाए हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या सिलेक्टर्स इस बार भी उनको स्क्वाड में मौका देते हैं या नहीं.