Allan Border को यूं ही नहीं कहा जाता ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का रॉकस्टार, कंगारू टीम को बना दिया बादशाह
एलन बॉर्डर ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को उसकी सबसे कमजोर स्थिति से निकालकर विश्व क्रिकेट का बादशाह बनाया. 1987 वर्ल्ड कप जीत, 11,000+ टेस्ट रन, और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जैसी विरासत ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान कप्तानों में शामिल कर दिया. पढ़ें पूरी खबर..

Allan Border: एलन बॉर्डर को ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का रॉकस्टार यूं ही नहीं कहा जाता है. वह ऐसे समय टीम के कप्तान बने जब ऑस्ट्रेलिया मैदान पर बिखरी हुई टीम थी और क्रिकेट के ताज पर वेस्टइंडीज का कब्जा था. उस समय कंगारू टीम अपनी पहचान की तलाश में था, तब बाएं हाथ के एक बल्लेबाज की एंट्री हुई, जिसने उसे राह दिखाया और विश्व क्रिकेट का बादशाह बना दिया. आज (27 जुलाई, 2025) एलन बॉर्डर 70 साल के हो गए. आइए जानते हैं उनकी क्रिकेट कहानी.
मजबूती के साथ नई टीम की रखी नींव
साल 1984 में जब बॉर्डर को ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी मिली उस समय टीम में कई सीनियर खिलाड़ी संन्यास ले चुके थे और मैदान पर संघर्ष साफ दिख रहा था. लेकिन बॉर्डर ने मजबूती के साथ एक नई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की नींव रखी. एक टीम जो आगे चलकर क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीम बनकर उभरी.

कप्तान से लीजेंड बनने का सफर
बॉर्डर की कप्तानी में 1987 का वर्ल्ड कप जीतना ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के लिए एक युगांतकारी पल था. भारत की सरजमीं पर, कोलकाता के एतिहासिक मैदान में इंग्लैंड को शिकस्त देकर उन्होंने उस जीत की नींव रखी, जिसने ऑस्ट्रेलिया को एक जीतने की आदत वाली टीम में बदल दिया. बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देना एलन बॉर्डर की खासियत थी.
इतिहास में दर्ज है कई महारिकॉर्ड
156 टेस्ट मैच में 11,174 रन, जिसमें 27 शतक, ये आंकड़े तो सिर्फ बाहरी चमक हैं. असली कहानी उनके उस संकल्प की है जिसने हर हार को सबक बनाया और हर ड्रॉ को जीत में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया. साल 1980 की उनकी पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट की दोनों पारियों में 150+ रनों की पारी आज भी रिकॉर्ड बुक्स में एक मिसाल के तौर पर दर्ज है.
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी बड़ा उदाहरण
बॉर्डर ने 385 फर्स्ट क्लास मैचों में 27,131 रन बनाए, जिसमें 70 शतक भी शामिल है. ये आंकड़े किसी सामान्य खिलाड़ी के बस की बात नहीं है. बॉर्डर का करियर संख्याओं से कहीं आगे गया. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट आज भी दुनिया की सबसे ताकतवर क्रिकेट टीम में से एक बना हुआ है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रतिष्ठित टेस्ट ट्रॉफी ‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी’, एलन बॉर्डर की क्रिकेट विरासत का सबसे जीवंत उदाहरण है.