Asia Cup 2025: 14 सितंबर को होने वाला IND vs PAK मैच भी हो सकता है रद्द, जानिए 3 बड़ी वजहें
Asia Cup 2025: एशिया कप में 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत होनी है, इससे पहले इस मुकाबले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. खबर आ रही है कि दोनों देशों के बीच होने वाला ये मैच रद्द हो सकता है. आइए तीन कारण जानते हैं. पढ़ें पूरी खबर..

Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 में का शेड्यूल जारी हो गया है. भारत और पाकिस्तान की टीम 14 सितंबर को इस टूर्नामेंट के लीग मुकाबले में एक दूसरे के आमने-सामने होंगे. हालांकि, ये हाई-वोल्टेज मुकाबला अब विवादों में घिर गया है. खबर आ रही है कि एशिया कप में भारत-पाक मैच रद्द हो सकता है. इसका मुख्य कारण क्रिकेट फैंस का विरोध और खिलाड़ियों का मुकाबले में खेलने से इनकार करना हो सकता है. सोशल मीडिया पर भी इस मैच को रद्द करने की मांग तेज हो गई है. आइए जानते हैं वो 3 बड़ी वजहें जिनकी वजह से यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला रद्द हो सकता है.
1. आतंकी हमले के बाद फैंस में गुस्सा
अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देशभर को झकझोर दिया था. इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को लॉन्च किया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. इसके बाद क्रिकेट फैंस का मानना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के खेल संबंधों को फिलहाल रोका जाना चाहिए. यही वजह है कि इस मैच को लेकर जनता में नाराजगी है और कई पूर्व खिलाड़ियों और नेताओं ने भी इस पर चिंता जताई है.
2. राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव
भारत-पाकिस्तान के बीच हर क्रिकेट मुकाबला सिर्फ खेल नहीं बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होता है. जब दो देशों के बीच तनाव चरम पर हो, तब क्रिकेट जैसे मंच पर उनकी आमने-सामने की भिड़ंत को सरकार और कूटनीतिज्ञ भी लेकर सजग हो जाते हैं. अगर भारत सरकार या खेल मंत्रालय इस मैच को खेलने से मना करता है, तो भले ही टूर्नामेंट का स्वरूप मल्टी-नेशन हो, भारतीय टीम को हटाया जा सकता है. इस कारण में मैच रद्द हो सकता है.
3. WCL में खिलाड़ियों ने किया था इनकार
हाल ही में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला सुरक्षा कारणों और खिलाड़ियों की असहमति की वजह से रद्द कर दिया गया था. इससे आयोजकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. इन मुकाबलों को देखते हुए भी एशिया कब को लेकर फैसला लिया जा सकता है. अब देखना यह होगा कि देश की भावनाओं और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड और सरकार क्या रुख अपनाते हैं.