BCCI New Plan: भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के बीच बीसीसीआई ने सात तेज गेंदबाजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष ट्रेनिंग के लिए बुलाया है. बीसीसीआई की इस ट्रेनिंग का मकसद भविष्य के लिए मजबूत पेस बैकअप तैयार करना है, क्योंकि मौजूदा समय में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज या तो चोटिल हैं या वर्कलोड की से जूझ रहे हैं. जसप्रीत बुमराह सीमित मैच खेल सकते हैं, मोहम्मद शमी लंबे समय से बाहर हैं और सिराज पर लगातार खेलने का दबाव है. ऐसे में नए पेसर्स को तराशने की कोशिश हो रही है.
इन खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने बुलाया
बीसीसीआई के इस प्रोग्राम में यश ठाकुर, विजय कुमार वैशाख, युधवीर सिंह, अंशुल कंबोज, राज बाबा, तुषार देशपांडे और खलील अहमद को शामिल किया गया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि 150 से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी करने वाले उमरान मलिक और मयंक यादव को क्यों नजरअंदाज किया गया? सूत्रों के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं. उमरान बार-बार चोटिल होते रहे हैं, वहीं मयंक भी लगातार आईपीएल के बाद ब्रेक लेते नजर आए.
तेज गेंदबाजी को मिल सकती है नई मजबूती
BCCI शायद पहले उनकी फिटनेस को लेकर क्लियर होना चाहता है. हालांकि, यह साफ है कि भारत में तेज गेंदबाजों की गहराई सीमित है. ऐसे में उमरान और मयंक जैसे पेसर्स पर ध्यान देना और उन्हें फिटनेस के लिए विशेष ट्रेनिंग देना जरूरी है. अगर ये प्लान सही दिशा में गया, तो भारत की पेस अटैक को नई मजबूती मिल सकती है.