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‘इंग्लैंड जाते तो पक्का था पुजारा का तिहरा शतक’, पूर्व दिग्गज ने किया बड़ा दावा, कह दी बड़ी बात

Cheteshwar Pujara: चेतेश्वर पुजारा ने हाल ही क्रिकेट को अलविदा कहा दिया है. वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दावा किया है कि अगर पुजारा ने हाल ही में इंग्लैंड का दौरा किया होता तो वह तिहरा शतक बना सकते थे.

Cheteshwar Pujara
Cheteshwar Pujara

Cheteshwar Pujara: भारतीय दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने बीते रविवार (24 अगस्त) को क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास की घोषणा की. पुजारा के संन्यास के बाद कई दिग्गजों ने उन्हें अगली पारी के लिए शुभकामनाएं दी, तो वहीं कई पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें टेस्ट टीम में ज्यादा मौका नहीं देने के लिए सिलेक्टर्स की आलोचना भी की.

इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने पुजारा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि अगर पुजारा को हाल ही समाप्त हुई इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में मौका दिया जाता, तो वह तीहरा शतक जड़ देते.

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‘पुजारा इंग्लैंड जाते तो 300 रन बनाते’

37 साल के चेतेश्वर पुजारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023 के फाइनल के बाद से ही भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे. हालांकि, टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भी पुजारा ने सौराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया और लगातार रन बनाए. इसके बावजूद भारतीय सिलेक्टर्स ने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए नजरअंदाज कर दिया था.

वहीं, अब मांजरेकर का कहना है कि अगर पुजारा इंग्लैंड गए होते तो वे तिहरा शतक लगा सकते थे. मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “अगर वह (चेतेश्वर पुजारा) इस बार इंग्लैंड गए होते, तो इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण और उस सीरीज में जो पिचें थीं, पुजारा इस स्तर पर भी 300 रन बना लेते.”

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पुजारा ने हर चुनौती को मस्कुराते हुए स्वीकार किया

मांजरेकर ने पुजारा के करियर के कठिन दौर पर जोर दिया और हर चुनौती को मुस्कुराते हुए स्वीकार करने के लिए उनकी प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में कई बार शानदार वापसी की है. पुजारा को जब 2015 के श्रीलंका दौरे पर वापसी करने का मौका मिला तो उन्होंने पहली पारी में 289 गेंदों पर नाबाद 145 रनों की पारी खेलकर सभी को प्रभावित किया.

उन्होंने कहा, “एक-दो बार उन्हें भारतीय टीम से बाहर किया गया और एक बार उन्होंने श्रीलंका में वापसी की और उन्हें ओपनर के तौर पर प्लेइंग इलेवन में वापस आना पड़ा. उनका करियर आसान नहीं था. जिस तरह की ग्रैपलिंग उन्होंने की, क्रिकेट के मैदान पर उनके लिए जिंदगी मुश्किल थी, लेकिन उनके चेहरे पर हमेशा एक प्यारी सी मुस्कान रहती थी.”

‘नाम में ही पूजा है’

साथ ही, मांजरेकर ने पुजारा की तुलना क्रीज पर खड़े एक साधु से की, जो चुनौतियों से विचलित नहीं होता और हर पारी को एक लंबी प्रार्थना की तरह लेता है. उन्होंने कहा, “नाम में ही पूजा है. हर बार जब वह क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजी करते थे, तो ऐसा लगता था कि एक लंबी पूजा वो कर रहा है.”

बता दें कि, पुजारा ने साल 2010 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. 15 साल के अपने लंबे करियर में उन्होंने 103 टेस्ट मैच खेले और 43.60 की औसत से 7,195 टेस्ट रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 19 शतक और 35 अर्धशतक भी जड़े. टेस्ट में उनका बेस्ट स्कोर 206 रन का रहा. उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में से एक माना जाता है.

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Written By

Sanjeet Kumar


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