Durand Cup से Indian Super League तक, भारत के इस टूर्नामेंट ने कैसे रच दी फुटबॉल की नई कहानी?
Football News: भारत का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप, अब ISL टीमों के लिए तैयारी और प्रदर्शन का अहम मंच बन चुका है. 2021 से इसमें कई चौंकाने वाली जीतें और नई रणनीतियां देखने को मिलीं. यह टूर्नामेंट अब इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की नई पहचान बन गई है.

Football News: एक समय था जब डूरंड कप को केवल सैन्य टीमों के बीच खेला जाने वाला पारंपरिक टूर्नामेंट माना जाता था. लेकिन समय के साथ यह प्रतियोगिता भारतीय फुटबॉल की आधुनिक कहानी का अहम अध्याय बन गई है. अब यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीमों के लिए अपनी ताकत परखने का मैदान है. 2021 के बाद से डूरंड कप ने न केवल नए विजेता दिए, बल्कि कई टीमों के लिए ISL में आत्मविश्वास और रणनीति गढ़ने का जरिया भी बना.
पुराने इतिहास से निकलकर यह टूर्नामेंट आज युवा खिलाड़ियों को मंच देता है, टीमों को पहचान दिलाता है और हर सीजन में कुछ नई, रोमांचक कहानियां बनाता है, जो भारतीय फुटबॉल के भविष्य के लिए अच्छी खबर है.
FC गोवा ने रचा था इतिहास
एफसी गोवा ने 2021 में डूरंड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था. बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सेमीफाइनल में बेंगलुरु एफसी को पेनल्टी शूटआउट में हराया और फाइनल में मोहम्मडन स्पोर्टिंग के खिलाफ एक्स्ट्रा टाइम में गोल दागकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की. लेकिन ISL में ये लय टूट गई. कोच जुआन फेरांडो के बीच सीजन में जाने और डेरिक परेरा के कार्यभार संभालने के बाद भी टीम 20 में से सिर्फ 4 मैच जीत सकी और 9वें स्थान पर रही.
बेंगलुरु एफसी की मुश्किल यात्रा
बेंगलुरु एफसी ने अगले वर्ष पहली बार डूरंड कप जीता. उन्होंने ग्रुप स्टेज से सेमीफाइनल तक कठिन मुकाबले खेले और फाइनल में मुंबई सिटी एफसी को हराकर ट्रॉफी उठाई. लेकिन ISL में शुरुआती 12 मैचों में टीम सिर्फ 10 अंक जुटा पाई. फिर शानदार वापसी करते हुए लगातार 8 मुकाबले जीततकर प्लेऑफ में पहुंची और फाइनल तक का सफर तय किया.
मोहन बागान ने जीती 17वीं ट्रॉफी
मोहन बागान सुपर जायंट ने 2023 में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल को हराकर 17वीं बार डूरंड कप अपने नाम किया. ग्रुप स्टेज में हारने के बाद, उन्होंने नॉकआउट में खुद को निखारा और मुंबई सिटी व एफसी गोवा को पछाड़ते हुए फाइनल में पहुंचे.
ISL में भी उन्होंने शुरुआत शानदार की, लेकिन मिड-सीजन में लय बिगड़ी. कोच फेरांडो को हटाकर एंटोनियो हाबास को लाया गया और टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए लीग शील्ड अपने नाम की. हालांकि फाइनल में मुंबई सिटी के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा.
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की ऐतिहासिक जीत
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने 2024 में वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. फाइनल में मोहुन बागान से 2-0 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और मुकाबला पेनल्टी तक ले जाकर पहली बार डूरंड कप जीत लिया.
इस जीत ने उन्हें ISL में भी नई पहचान दी. कोच जुआन पेड्रो बेनाली के नेतृत्व में टीम ने आक्रामक खेल दिखाया, केवल 6 मुकाबलों में हार झेली और सीजन का दूसरा सबसे अच्छा गोल स्कोर किया. हालांकि प्लेऑफ में जमशेदपुर एफसी से हारकर उनका सफर थम गया.