Diamond League Final 2025: खिताब जीतने से एक कदम दूर रह गए नीरज चोपड़ा, जानें कितने मीटर का किया थ्रो
Diamond League Final 2025: नीरज चोपड़ा डायमंड लीग के फाइनल में भले ही खिताब जीतने से चूक गए लेकिन दूसरे पायदान पर रहते हुए भी उन्होंने इतिहास रच दिया है. लगातार तीसरे बार वो टूर्नामेंट में दूसरे पायदान पर रहे हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि इस बार उन्होंने कितने मीटर का थ्रो किया है....

Diamond League Final 2025: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने ज्यूरिख में हुए डायमंड लीग 2025 के फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया. हर किसी से उनको टूर्नामेंट में गोल्ड जीतने की उम्मीद थी लेकिन इस बार वो ऐसा नहीं कर पाए. 7 खिलाड़ियों के बीच हुए इस फाइनल में नीरज शुरुआत से ही लय में नजर नहीं आए, हालांकि इसके बाद भी उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया. साल 2022 में आखिरी बार उन्होंने डायमंड लीग का खिताब अपने नाम किया था. इसके बाद से ही लगातार वो दूसरे पायदान पर रहे हैं. तो चलिए आपको भी बताते हैं कि फाइनल में ये कमाल करते हुए उन्होंने कितने मीटर का थ्रो किया है.
THIS 85.01M THROW BY NEERAJ CHOPRA! 🔥pic.twitter.com/kea72dasJe https://t.co/df7n9q3ngz
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फाइनल में ऐसे रहे नीरज चोपड़ा के थ्रो
फाइनल मैच में हर खिलाड़ी को जैवलिन थ्रो करने के लिए 6 मौके दिए गए. नीरज चोपड़ा ने अपने पहले मौके पर 84.35 मीटर का थ्रो किया. इसके बाद हर किसी को उम्मीद थी कि वो इससे आगे की तरफ बढ़ेंगे लेकिन दूसरे प्रयास में वो थोड़ा पीछे रहे और 82 मीटर का थ्रो ही कर पाए. उनका तीसरा, चौथा और पांचवां प्रयास फाउल रहा. ऐसे में तीसरे नंबर पर चले रहे नीरज के पास खुद को साबित करने का एक मौका ही बचा था और उसके लिए उन्हें कम से कम 85 मीटर का थ्रो करना था. आखिरी प्रयास में उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 85.01 मीटर का थ्रो किया.
पहला प्रयास: 84.35 मीटर
दूसरा प्रयास: 82.00 मीटर
तीसरा, चौथा और पांचवां प्रयास: फाउल
छठा प्रयास: 85.01 मीटर (बेस्ट)
लगातार तीसरी बार हासिल किया दूसरा स्थान
भारत को 2 बार ओलंपिक का खिताब जिता चुके नीरज चोपड़ा के लिए ये चौथा डायमंड लीग का फाइनल था. साल 2022 में उन्होंने आखिरी बार इस टूर्नामेंट में गोल्ड अपने नाम किया था. इसके बाद से लगातार वो दूसरे नंबर पर ही रहे हैं. हालांकि ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय जैवलिन थ्रोअर हैं.
जर्मनी के जूलियन वेबर फाइनल में कमाल के रंग में नजर आए. वो शुरुआत से ही शानदार लय में नजर आ रहे थे. उन्होंने अपना पहला ही थ्रो 91 मीटर से ज्यादा का फेंका. उनके सभी प्रयासों में से दूसरा प्रयास सबसे बेहतरीन 91.51 मीटर का रहा. इसी के दम पर उन्होंने खिताब अपने नाम किया.