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3 अगस्त क्यों है भारतीय महिला हॉकी के लिए खास? जानिए 23 साल पुरानी गोल्ड जीतने की कहानी

एक वक्त था जब किसी ने नहीं सोचा था कि भारत की बेटियां इंग्लैंड की सरजमीं पर इतिहास रच देंगी, लेकिन 3 अगस्त 2002 की रात, ममता की स्टिक से निकला एक गोल्डन स्ट्रोक पूरी दुनिया को चौंका दिया था. आइए जानते हैं 23 साल पुरानी गोल्ड जीतने की कहानी.

Indian Womens Hockey

Golden Glory In Manchester: आज ही के दिन 23 साल पहले 3 अगस्त 2002 को इंग्लैंड की धरती पर भारत की 16 साधारण कद-काठी वाली लड़कियों ने इतिहास रच दिया था. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ये मैच सिर्फ गोल्ड मेडल नहीं, बल्कि एक युग की शुरुआत साबित होगा. उस दिन न कोई स्टार थी, न कोई बड़े नाम वाली खिलाड़ी, थीं तो सिर्फ जुनून से भरीं खिलाड़ी, जो अपने देश के लिए नामुमकिन को मुमकिन करने निकली थीं. हम बात कर रहे हैं मैनचेस्टर में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2002 की, जिसमें भारतीय महिला हॉकी टीम ने इंग्लैंड की महिला हॉकी टीम को 3-2 से पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

ममता ने दागी थी गोल्डन गोल

फाइनल मुकाबले में ममता खरब ने गोल्डन गोल दागा था. इससे पहले सेमीफाइनल में भी उनका गोल भारत को जीत दिला चुका था. पर यह गोल महज जीत नहीं थी, यह एक पहचान थी यह बताने के लिए कि भारतीय महिला हॉकी अब सिर्फ एक शामिल होने वाली टीम नहीं, बल्कि जीत की रेखा पार करने वाली बन चुकी थी.

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भारतीय महिला हॉकी टीम की असली ताकत उनकी कप्तान सुरजलता देवी थी. इसके अलावा हेलेन मैरी का मजबूत गोलपोस्ट, सुमन बाला और ज्योति कुल्लू की मजबूत डिफेंस और संगाई चानू, सुमराई टेटे जैसे डिफेंस करने वाली खिलाड़ी. इंग्लैंड पर टीम इंडिया की इसी जीत पर चक दे इंडिया फिल्म बनी. भारत की इस जीत के पीछे कोच गुरदियाल सिंह भंगू की रणनीति और उन खिलाड़ियों की वापसी शामिल थी जिन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पहले बाहर कर दिया गया था. सिता गुसेन, मंजिंदर कौर और प्रीतम ठाकुरन की वापसी ने टीम को मजबूती दिया था.

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2002: टीम इंडिया का प्रदर्शन

  1. भारत ने कनाडा को 1-0 से हराया
  2. भारत ने न्यूजीलैंड को 1-3 से हराया
  3. भारत ने इंग्लैंड के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला
  4. क्वार्टर फाइनल: भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराया (गोल्डन गोल)
  5. सेमीफाइनल: भारत ने न्यूज़ीलैंड को 2-1 से हराया
  6. फाइनल: भारत ने इंग्लैंड को 3-2 से हराया (गोल्डन गोल)

2002 कॉमनवेल्थ गेम्स महिला हॉकी टीम

भारतीय टीम: हेलेन मैरी, तिंगोनलीमा चाऊ, सुमन बाला, कनरी बा, अमनदीप कौर, सुमराय टेटे, सीता गुसाईं, सूरजलता देवी (कप्तान), मसीरा सुरीन, संगगाई इहेम्बल चानू, जोथी सुनीता कुल्लू, पकपी देवी, सबा अंजुम, ममता खरब, प्रीतमरानी सिवाच.

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HISTORY

Written By

Vikash Jha


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